आजकल के युवाओं में ख़ासकर भारतीय युवाओं में असफलता का सबसे बड़ा कारण क्या है?

चलिए मै आपको एक छोटी सी कहानी सुनाकर समझाता हूँ.
एक बार की बात है कि एक बाज का अंडा मुर्गी के अण्डों के बीच आ गया.
कुछ दिनों बाद उन अण्डों में से चूजे निकले, बाज का बच्चा भी उनमे से एक था.वो उन्ही के बीच बड़ा होने लगा. वो वही करता जो बाकी चूजे करते, मिटटी में इधर-उधर खेलता, दाना चुगता और दिन भर उन्हीकी तरह चूँ-चूँ करता. बाकी चूजों की तरह वो भी बस थोडा सा ही ऊपर उड़ पाता , और पंख फड़-फडाते हुए नीचे आ जाता . फिर एक दिन उसने एक बाज को खुले आकाश में उड़ते हुए देखा, बाज बड़े शान से बेधड़क उड़ रहा था. तब उसने बाकी चूजों से पूछा, कि-” इतनी उचाई पर उड़ने वाला वो शानदार पक्षी कौन है?”
तब चूजों ने कहा-” अरे वो बाज है, पक्षियों का राजा, वो बहुत ही ताकतवर और विशाल है , लेकिन तुम उसकी तरह नहीं उड़ सकते क्योंकि तुम तो एक चूजे हो!”
बाज के बच्चे ने इसे सच मान लिया और कभी वैसा बनने की कोशिश नहीं की. वो ज़िन्दगी भर चूजों की तरह रहा, और एक दिन बिना अपनी असली ताकत पहचाने ही मर गया.

आज हर एक भारतीय युवा वही बाज़ है और ये भारतीय समाज चूजे।
जब भी कोई कुछ नया करने को सोचता है - उसे पीछे खीचने वाले हजारों लोग आ जाते हैं।
आज भारतीय युवाओं में क्षमता तो है पर वह समाज की बातों में आकर अपनी असली ताकत को पहचान नहीं पाते और एक आम जिंदगी जीते हैं और आम जिंदगी जी कर ही मर जाते हैं।
दुनिया के सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स ने कहा था -
अगर आपका जन्म गरीबी में हुआ है तो यह आपकी गलती नहीं है लेकिन अगर आप की मृत्यु गरीबी की हालत में होती है तो यह निश्चित ही आपकी गलती है।

आप चूजों की तरह मत बनिए , अपनी काबिलियत पर भरोसा कीजिए. आप चाहे जहाँ हों, जिस परिवेश में हों, अपनी क्षमताओं को पहचानिए और आकाश की ऊँचाइयों पर उड़ कर दिखाइए क्योंकि यही आपकी वास्तविकता है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद,

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