IP Address क्या है? हिंदी में जाने

इस पोस्ट में आप जानेगें IP Address क्या है और अपना IP एड्रेस कैसे पता करे? यदि आप computer या internet का इस्तेमाल ज्यादा करते है, तो यकीनन आपने आईपी एड्रेस (Internet protocol address) शब्द कई बार सुना होगा. हो सकता है, इसके बारे में आप थोड़ा बहुत जानते भी हो. परन्तु क्या आप जानते है, कि PC या किसी Network में आईपी एड्रेस का क्या महत्व है? Unique IP Address क्यों मायने रखते है? और अपना आईपी एड्रेस कैसे पता करें?

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IP ADDRESS एक तरह से आपके contact address की तरह है. यदि लोग आपको एक पत्र लिखते है. तो उन्हें पोस्ट करने के लिये एक एड्रेस की आवश्यकता होती है. इसी तरह Computer की दुनिया मे आईपी एड्रेस वह पता है, जिसके माध्यम से हम internet पर information exchange कर पाते है. यह online security की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है. तो चलिए सबसे पहले जानते है, आईपी एड्रेस का मतलब क्या है? फिर इसके बाकी पहलुवों पर बात करेंगे.


आईपी एड्रेस क्या है (What is IP Address in hindi)

IP Address या “Internet Protocol Address” एक logical numeric address होता है, जो कुछ 151.101.65.121 ऐसा दिखायी देता है. यह आईपी एड्रेस खास कर computer, smartphone, tablet, printer, router और switch जैसी internet प्रयोगी devices को सौंपा (assign) जाता है. यह आईपी एड्रेस सभी डिवाइस को अलग-अलग (unique address) दिये जाते है. ताकि IP Network में इनकी एक पहचान हो सके और यह आपस मे संचार (communicate) कर पाए.


आईपी एड्रेस आपके computer या smartphone के लिए एक Network Address है, जिससे internet आपको email या data भेजने में सक्षम हो पाता है. उदाहरण के लिए एक courier आपके home address के माध्यम से आप तक पहुचता है. उसी तरह internet address के माध्यम से आप अपनी डिवाइस पर डेटा प्राप्त कर पाते है. अभी आपकी डिवाइस जिस भी IP Address का उपयोग कर रही है, वह आपका एक “Digital Address” है. आईपी एड्रेस के अंकों को दो भागों में विभाजित किया जाता है. 1) Network part. 2) Host.
सबसे पहला भाग (Network part) बताता है, कि यह एड्रेस किस का है और दूसरा भाग (Host) उस पते की exact location के बारे में जानकारी देता है. उदाहरण के लिए जब भी आप internet पर किसी website जैसे www.nayaseekhon.com को खोलने का प्रयास करते है, तो computer उस वेबसाइट के नाम (जिसे Domain name कहां जाता है) को DNS Server पर भेजता है. जहाँ से domain name का आईपी एड्रेस उसे प्राप्त होता है. आईपी एड्रेस के बिना कोई भी Network जो इंटरनेट से जुड़ा हुवा है, कार्य नही कर सकता.

आईपी एड्रेस के संस्करण (IP Versions)

दो मुख्य IP Versions नीचे दिये गए है.
  • IPv4 (Internet Protocol Version 4)
  • IPv6.(Internet Protocol Version 6)

IPv4

IP का पहला संस्करण (version) IPv4 था, जिसे 1983 में ARPANET Production के लिये तैनात किया गया था. इसमे Addressing system का उपयोग करके network की पहचान की जाती है. यह संस्करण Internet Engineering Task Force (IETF) द्वारा बनाया और RFC 791 में प्रकाशित है. इसका उपयोग OSI Model में pocket switched किये गए link layer में किया जाता है.
IPv4 ईथरनेट संचार (Ethernet Communication) के लिए Five classes (Class A से Class E तक) में 32 bit address scheme का उपयोग करता है. यह एक संख्यात्मक पता (numerical address) है और इसके binary bits को dot(.) द्वारा अलग किया जाता है. इसकी प्रत्येक समूह की संख्या 0 से लेकर 255 तक हो सकती है. Example – 12.244.233.165.
इसमे तीन प्रकार के address होते है, unicast, broadcast और multicast. यह VLSML (virtual length subnet mask) को support करता है. Internet protocol address के इस version में लगभग 4,294,967,296 addresses store किये जा सकते है. जो कि 4 billion से अधिक है. परन्तु इंटरनेट की व्रद्धि के साथ आज यह स्थिति आ गई है, कि यह संख्या भर चुकी है. नए IP address स्टोर करने के लिए हमारे पास और संख्या नही है. इसका समाधान भी निकाला जा चुका है. इसके आगे के आईपी एड्रेस IPv6 version में स्टोर किये जायेंगे. चलिये देखते है, इसमे क्या नया है.

IPv6

अधिक internet addresses की कमी को पूरा करने के लिये एक नया internet addressing system (IPv6) तैनात किया जा रहा है. इस संस्करण को internet protocol next generation (IPng) भी कहा जाता है. IETF ने 1994 में इसे शुरू किया था. यह एक network layer protocol है, जो packet switched किये गए network पर data communication को सक्षम करता है. पैकेट स्विटचिंग के अंतर्गत नेटवर्क में दो nodes के बीच data send और received करना शामिल है. Example – 3ffe:1900:4545:3:200:f8ff:fe21:67cf.


IPv6 के addresses को hexadecimal में लिखा गया है. इसका मुख्य लाभ पता स्थान में व्रद्धि है. इसके पतो की लंबाई 128 bit है और इन्हें colons (:) द्वारा अलग किया जाता है. इस संस्करण में लगभग 340 undecillion ( 340,282,366,920,938,463,463,374,607,431,768,211,456) IP address स्टोर किये जा सकते है. यह बहुत – बहुत ज्यादा है.

Features of IPv4 Vs IPv6

IPv4
IPv6
IPv4 एक 32 bit IP address है.
IPv6 एक 128 bit IP address है.
एक संख्यात्मक (numeric address) है, इसके binary bits को 
dot(.) द्वारा अलग किया जाता है.
यह एक Alphanumeric address है, जिसके binary bits को एक colons(:)द्वारा अलग किया जाता है. इसमे hexadecimal भी शामिल है.
इसके header field की संख्या 12 और header files की लंबाई 20 होती है.
इसके header field की संख्या 8 और header files की लंबाई 40 होती है.
आईपी पतो को तीन (unicast, broadcast और multicast) भागो में बांटा जाता है.
तीन प्रकार के आईपी एड्रेस unicast, multicast और anycast होते है.
यह IP address की पांच कक्षाएं Class A, Class B, Class C, 
Class D और Class E प्रदान करता है.
यह unlimited numbers में IP address को स्टोर करने की सुविधा प्रदान 
करता है.
NAT (Network address translation) उपकरणों का व्यापक उपयोग जो एकल NAT address की अनुमति देता है.
अपने विशाल address space के कारण यह direct addressing की सुविधा देता है.
किसी अन्य system के साथ संचार करने से पूर्व एक नई स्थापित प्रणाली को configure करना होता है.
Configuration optional होता है, जो आवश्यक कार्यो पर निर्भर करता है.
यह हमें 4 billion IP address स्टोर करने की अनुमति देता है.
इसमे लगभग 340 undecillion आईपी एड्रेस स्टोर किये जा सकते है, जो बहुत ज्यादा है.


IP एड्रेस मुख्यतः दो प्रकार के होते है?आईपी एड्रेस के प्रकार (Types of IP Address in hindi) 



1) Public IP Address

आपके घर या व्यापार क्षेत्र में आपके ISP (Internet service provider) द्वारा  router, modem को दिया जाने वाला एड्रेस सार्वजनिक आईपी पता (Public IP Address) कहलाता है. सार्वजनिक IP Address उन सभी devices को दिए जाते है, जो public internet से सीधे जुड़ी हुई है. आसान शब्दों में Public IP एड्रेस वह पता है, जो internet पर सीधे पहुंच की अनुमती देने के लिये एक computing device को assigned किया जाता है. हर device जो internet access कर रही है, एक unique ip address उपयोग करती है.
ज्यादातर Public IP Address change होते रहते है. इन्हें dynamic IP address कहा जाता है. हालाँकि host websites को static IP address दिए जाते है, जो कभी नही बदलते ताकि उपयोगकर्ता अपने server तक निरन्तर पहुंच बना सके.

2) Private IP Address

वह IP Address जिनका उपयोग किसी निजी स्थान के भीतर computers को assigned करने के लिए किया जाता है, वो भी बिना इंटरनेट में उजागर किये, Private IP Address कहलाते है. उदाहरण के तौर पर आपके घर में कई सारे कंप्यूटर है, अब उन सभी मे internet इस्तेमाल करने के लिये आप router का उपयोग करते है. इस स्थिति में आपके राऊटर को एक सार्वजनिक आईपी एड्रेस मिलता है और इससे जुड़े प्रत्येक device को DHCP Protocol के माध्यम से आपके राऊटर द्वारा एक Private IP Address दिया जाता है.

आईपी एड्रेस कैसे पता करे

सभी प्रकार की device का IP address पता करने का तरीका नीचे बताया गया है.
IP Address in hindi
Android Phone इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ता अगर अपने फोन का IP address जानना चाहते है, तो अपने फोन की settings खोल कर about device में जाये और फिर status पर क्लिक करे. यहाँ पर आपके फोन का आईपी एड्रेस दिया गया होगा.
Phone setting> About device> Status.
Windows user अपना Local IP address पता करने के लिए सबसे पहले PC के start button पर क्लिक करे उसके बाद control panel पर जाए. अब network and internet को ओपन करे इसके बाद network and sharing center पर क्लिक करे. अब connection के सामने wireless network connection पर क्लिक करके detail पर क्लिक करे. इसके अंदर आपको IPv4 address के सामने अपना IP address दिखाई देगा.
Start button> Control panel> Network and internet> Network and sharing center> Wireless network connection> Details.
Apple iOS उपयोगकर्ता अपना आईपी एड्रेस पता करने के लिए नीचे दिए instructions को फॉलो करें.
Settings> Select Wifi> Select active network> Click i button.
macOS में IP address पता करने के लिए यह सेटिंग को फॉलो करें.
Click apple icon> Select system preference> click network> select your connection.
उप्पर दिए गए तरीको का इस्तेमाल करके आप अपना IP address आसानी से पता कर सकते है. इसके अलावा आप google में “What is my IP address” लिखे गूगल आपका आईपी एड्रेस show कर देगा. ऑनलाइन वेबसाइट WhatismyIPaddress.com की मदद से भी आप इसे पता कर सकते है.

Conclusion

इस लेख के माध्यम से आपने जाना IP Address क्या है और अपना IP एड्रेस कैसे पता करे? इस पोस्ट के अंदर आपको IP एड्रेस के बारे में लगभग पूरी जानकारी दी गयी है. यदि आपने इसे ध्यानपूर्वक पढ़ा होगा तो हमे पूरी उम्मीद है, आप इसके बारे में लगभग सभी बाते जान चुके होंगे. हमारे कई प्रकार के एग्जाम में इससे सम्बंधित कई सवाल आते है. इसलिये यह विषय एक छात्र की दृष्टि से बहुत महत्वपुर्ण है. यदि आपके पास इससे सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो कृपया नीचे comment में हमे जरूर बताये साथ ही अगर आपका कोई सहपाठी या मित्र इस बारे में जानना चाहता है, तो आप उसे यह पोस्ट share कर सकते है. धन्यवाद ॥ जय हिंद

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